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कार्बन Footprint, कार्बन Offsetting और पारिस्थितिकी Footprint क्या हैं? | Carbon Footprint in Hindi

Carbon Footprint in Hindi: पर्यावरण और पारिस्थितिकी विषय के इस लेख में हम बात करने वाले हैं कार्बन Footprint, कार्बन Offset और पारिस्थितिकी Footprint के बारे में।


Carbon Footprint in Hindi

कार्बन फुटप्रिंट क्या हैं? - Carbon Footprint in Hindi

कार्बन फुटप्रिंट ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को मापने की एक महत्वपूर्ण विधि है। प्रति व्यक्ति अथवा प्रति औद्योगिक इकाई द्वारा ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन की मात्रा को उस व्यक्ति अथवा औद्योगिक यूनिट का 'कार्बन फुटप्रिंट' (Carbon Footprint) कहा जाता है। 


कार्बन फुटप्रिंट को मापने के लिए जिस विधि का प्रयोग किया जाता है उसे Life Cycle Assessment कहा जाता है। इस विधि में व्यक्ति अथवा औद्योगिक इकाई द्वारा कुल उत्सर्जित ग्रीन हाउस गैसों की मात्रा को जोड़ दिया जाता है। 

ग्रीनहाउस गैसों में कार्बन डाइऑक्साइड Global Warming के लिए अधिक उत्तरदायी है, अतः कार्बन फुटप्रिंट को CO₂ गैस के ग्राम उत्सर्जन में आकलित किया जाता है।  



कार्बन Offsetting क्या है ? - Carbon Offsetting In Hindi

जब किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा ऐसे उपाय किए जाते हैं जिसके द्वारा कार्बन डाइऑक्साइड के अवशोषण में वृद्धि होती है तब इसे 'कार्बन Offsetting' कहते है। 



पारिस्थितिकी Footprint क्या है? - Ecological Footprint in Hindi

पृथ्वी का वह क्षेत्रफल जो किसी व्यक्ति, शहर अथवा किसी देश के भौतिक अस्तित्व के लिए आवश्यक हो उस व्यक्ति, शहर अथवा देश का 'पारिस्थितिकी Footprint' कहलाता है। 


Ecological Footprint, पृथ्वी के पारिस्थितिक तंत्रों पर मानव की माँगों का एक मापक है अर्थात यह मानव की माँगों की तुलना पारिस्थितिकी तंत्रों के पुनरुत्पादन (Reproduction) करने की क्षमता से करता है। 


इसे और अधिक सरल भाषा में कहें तो पारिस्थितिकी Footprint, हम कितनी तेजी से संसाधनों का दोहन कर रहे है और कचरा उत्पन्न कर रहे हैं की तुलना कितनी तेजी से प्रकृति इस कचरे को अवशोषित कर रही है और नए संसाधन बना रही है से करता है। 


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